सेंसर बोर्ड ने पद्मावती मूवी वापस की, मेकर्स बोले- रिलीज टालने की बात फिजूल

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सेंसर बोर्ड ने टेक्निकल वजहों से पद्मावती मूवी फिल्म मेकर्स को वापस कर दी है

मुंबई : सेंसर बोर्ड ने फिल्म पद्मावती मेकर्स को वापस कर दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई को सोर्सेस ने बताया कि ऐसा टेक्निकल वजहों से किया गया है। सेट नॉर्म्स पर फिल्म का रिव्यू करने के बाद ही फिल्म मेकर्स इसे बोर्ड को वापस भेजेंगे। इस बीच, फिल्म को प्रोड्यूस करने वाली वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के CEO अजीत अंधरे ने कहा- फिल्म की रिलीज टालने की बातें पूरी तरह से बेसलेस हैं। बता दें कि कुछ रिपोर्ट्स में ये बात कही जा रही थी कि पद्मावती के विरोध और पॉलिटिकल प्रेशर के चलते फिल्म मेकर्स ने रिलीज 12 जनवरी तक टाल दी है। फिल्म की रिलीज डेट 1 दिसंबर है।

पद्मावती पर क्यों किया जा रहा है विरोध?

– राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
– राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा, रिलीज से पहले यह फिल्म पार्टी के राजपूत रिप्रेजेंटेटिव्स को दिखाई जानी चाहिए।
– राजस्थान के राजघराने भी फिल्म के विरोध में हैं। उन्होंने इसके एक गाने में घूमर नृत्य के दौरान दीपिका के पहनावे पर सवाल उठाए हैं।
किस तरह किया जा रहा है विरोध?

चित्तौड़गढ़ किला बंद : शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ किला टूरिस्ट्स के लिए एक दिन बंद करवा दिया। किसी आंदोलन को लेकर यह किला पहली बार बंद किया गया।

हवाई फायरिंग की : चित्तौड़गढ़ किले पर बंद के दौरान निकाली गई रैली में किसी शख्स ने फायरिंग की। लोग ये कहते सुने गए कि तोपें भी चलेंगी।

गधों पर निकाला जुलूस : दौसा में गधों पर संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण के पोस्टर निकालकर लोगों ने पद्मावती फिल्म का विरोध किया।

खून से शुरू किया सिग्नेचर कैम्पेन : जयपुर में सर्व ब्राह्मण महासभा ने फिल्म के विरोध में खून किए गए सिग्नेचर कैम्पेन को शुरू किया।

ट्रेलर दिखाने पर तोड़फोड़ : कोटा के एक मॉल में मंगलवार को फिल्म का ट्रेलर दिखाया जा रहा था। कुछ प्रदर्शनकारियों ने यहां पर तोड़फोड़ की।

भंसाली को मारा गया थप्पड़ : जनवरी में जयपुर में शूटिंग के दौरान संजय लीला भंसाली को कुछ लोगों ने थप्पड़ भी मार दिया था। उनके बाल खींचे गए। शूटिंग वाली जगह पर काफी तोड़-फोड़ की गई थी। यह हंगामा करणी सेना की ओर से किया गया था।

दीपिका की रंगोली बिगाड़ी : 15 अक्टूबर को सूरत के उमरा एरिया में लोकल आर्टिस्ट करण ने राहुल राज मॉल में इस फिल्म पर 48 घंटे की मेहनत से एक रंगोली बनाई थी। करण का दावा है कि इसे जय श्रीराम के नारे लगाते हुए आए करीब 100 लोगों ने मिटा दिया।

नाक काटने की धमकी : करणी सेना के महिपाल मकराना ने कहा, “राजपूत कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाते, लेकिन जरूरत पड़ी तो हम दीपिका पादुकोण का वही हाल करेंगे, जो लक्ष्मण ने सूर्पणखा का किया था।”

50 लाख का इनाम : संभल में प्रोटेस्टर्स ने पोस्टर दिखाए। इनमें लिखा था कि संजय लीला भंसाली का सिर काटने वाले को 50 लाख इनाम।

वंशजों को भी एतराज : मेवाड़ के पूर्व राजघराने के मेंबर्स ने घूमर के गलत प्रोजेक्शन, खिलजी को हीरो बताने और रानी पद्मावती से जुड़े तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के आरोप लगाए। कहा- बयानबाजी और तोड़फोड़ में यकीन नहीं रखते, बातचीत से मसला सुलझाना चाहते हैं।

पद्मावती पर किसने क्या कहा ?

दीपिका पादुकोण : “इसे रिलीज होने से कोई भी चीज नहीं रोक सकती। हम सिर्फ सेंसर बोर्ड के लिए जवाबदेह हैं। इसका विरोध डराने वाला है। मुझे विश्वास है कि यह एक बड़ी लड़ाई जीतेगी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन संजय लीला भंसाली की फिल्मों में हीरोइन बनूंगी। ये हर एक्ट्रेस के लिए नसीब की बात है। मैं इसका जश्न मनाती हूं। मैं पद्मावती के लिए रिलीज का इंतजार कर रही हूं।”

संजय लीला भंसाली : इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है, जिसे लेकर विरोध किया जा रहा है।

उमा भारती: ट्वीट किए, “फिल्म पद्मावती को लेकर उसमें काम करने वाली अभिनेत्री या अभिनेताओं के बारे में कोई भी टिप्पणी उचित नहीं है। डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर ही कथानक के लिए जिम्मेदार हैं।”
– ओपन लेटर में लिखा था, “आज भी मनचाहा रेस्पॉन्स नहीं मिलने पर कुछ लड़के, लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डाल देते हैं। वो किसी भी धर्म या जाति के हों, मुझे अलाउद्दीन खिलजी के वंशज लगते हैं।”

राजनाथ सिंह : “अगर भावनाएं आहत होंगी तो लोग विरोध करेंगे ही। इस मुद्दे पर बीजेपी कोई पॉलिटिक्स नहीं कर रही है। कुछ लोग अपने तर्क के जरिए विरोध कर रहे हैं।”

शशि थरूर : “आज तो कथित महाराजा एक फिल्ममेकर के पीछे पड़े हैं, वो उस समय भाग गए थे, जब ब्रिटिशों ने उन्हें रौंद दिया था।’ हालांकि, बाद में थरूर ने कहा कि राजपूतों की बहादुरी हमारे इतिहास का हिस्सा है, कोई इस पर सवाल नहीं उठा सकता है। मैंने उन राजाओं की चर्चा की थी, जो स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के साथ थे।”

स्मृति ईरानी : पद्मावती पर थरूर के बयान का जवाब देते हुए ट्वीट किया था, “क्या सभी राजाओं ने ब्रिटिशों के सामने घुटने टेक दिए थे? शशि थरूर की इस टिप्पणी पर क्या कहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह।”

करणी सेना : चीफ लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा, ”ये जौहर की ज्वाला है, आगे बहुत कुछ जलेगा। रोक सको तो रोक लो। भरोसा दिलाता हूं कि फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे। गुड़गांव, लखनऊ और अहमदाबाद समेत देशभर में विरोध करेंगे।”

अजमेर दरगाह के दीवान : “संजय लीला भंसाली का आचरण विवादित लेखक सलमान रुश्दी तस्लीमा नसरीन और तारिक फतह की तरह धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला है, इसलिए पद्मावती फिल्म का विरोध जायज है। मुसलमानों को इसका समर्थन करना चाहिए।”

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