ग्रामीण प्रतिभाओं को क्रिकेट में निखारने के लिए वंडर सीमेंट ने की अनुकरणीय पहल : क्रिकेटर कपिलदेव

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उदयपुर : अपने जमाने के हरफनमौला क्रिकेटर कपिलदेव रविवार को वंडर सीमेंट साथ-7 क्रिकेट महोत्सव के फाइनल मुकाबले के दौरान पत्रकारों से रूबरू हुए। कपिल ने कहा कि ग्राउंड लेवल पर वंडर सीमेंट के क्रिकेट की बेहतरी के लिए किए जा रहे इस भागीरथ प्रयास के सवाल पर कहा कि एक बच्चा जब टीवी पर क्रिकेट का मैच देखता है तो उसकी इच्छा होती है कि वह भी ग्राउंड में जाकर खेले। जब मौका मिलता है तो बहुत अच्छा लगता है। इतने बड़े लेवल पर टूर्नामेंट करना आसान नहीं है। काफी मुश्किलात भी आई होगी। पचास हजार के करीब खिलाड़ी यहां आकर खेलते हैं, उनको इकट्ठा करना, अंपायर, उनका रिकॉर्ड, सब कुछ करना बड़ा कठिन है लेकिन जब फील्ड में देखा तो बहुत ही खूबसूरत यात्रा है, मेरे हिसाब से दुनिया में कोई भी ऐसा टूर्नामेट नहीं होगा जहां पर 50 हजार लडक़े-लड़कियों ने आकर टूर्नामेंट खेला होगा।

कपिल ने कहा कि तहसील व ग्रामीण स्तर पर यह प्रयास अच्छा लगा। लोग शहरों में बड़े-बड़े प्रोग्राम से पब्लिसिटी चाहते हैं लेकिन जब आप गांवों को शहरों के साथ जोडऩा शुरू कर देते हैं तो उस स्टेट की स्ट्रेंथ बढ़ जाती है। मुझे लगता है कि अवेयरनेस बढ़ी होगी, इससे आने वाले समय में बच्चों को बहुत फायदा होगा। किसके पास कितना टेलेंट है कोई नहीं जानता, जब तक मौका नहीं मिलता, पता नहीं चलता। तो इसलिए अच्छा लगा कि इतने बड़े पैमाने पर टूर्नामेंट किया जा रहा है।

क्रिकेट के लिए अपार पैसा चाहिए? सवाल पर कपिल ने कहा कि यह वंडर सीमेंट की हिम्मत है। लोग पब्लिसिटी करते हैं, बड़े-बड़े चैनल्स पर बड़ी-बड़ी संस्थाओं में मगर यहां पर बच्चोंं को गांवों-कस्बों से इकट्ठा करके लाना मुश्किल है। मुझे नहीं लगता है कि फाइनेंशली इतना असर होगा मगर यह सोच बड़ी है। आज वंडर सीमेंट ने किया है, बाकी संस्थाएं भी आगे आएं और ऐसे टूर्नामेंट और आगे बढ़ें। कल नई संस्थाएं आगे आएं फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी सहित बाकी खेलों में भी तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा।

आप क्रिकेट से क्यों दूर हैं? सवाल के जवाब में कपिल ने कहा कि वे हमेशा से क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। मगर साथ ही उन्होंने चुटकी ली कि अगर आप बुलाओगे नहीं, तो मैं जाउंगा नहीं। क्रिकेट में आए बदलाव पर बात करते हुए कपिल बोले कि अस्सी के दशक से आज के क्रिकेट में बहुत बड़ा बदलाव आया है। अब पैंतीस गैंदों में शतक लग जाता है, यह बहुत बड़ा बदलाव है । आज बच्चों में बहुत कॉन्फिडेंस है। हम जिस टेलेंट की बात करते हैं वह सामने उभर कर आ रहा है। इंडियन क्रिकेट का आज दुनियाभर में सम्मान पा रहा है और हमारी टीम के रिजल्ट भी अच्छे आ रहे हैं।

टी-ट्वंटी में तिहरे शतक की उम्मीद के सवाल पर कपिल ने कहा कि क्यों नहीं लगेगा, तिहरा शतक? हमें तो उम्मीद है कि एक खिलााड़ी 400 रन भी बनाएगा। पहले एक दिन में 280 रन बनते थे। रफ्तार बहुत तेज हो गई है और शायद इसीलिए रिजल्ट भी ज्यादा आने शुरू हो गए हैं।

पाकिस्तान के साथ मुकाबले के दौरान खिलाडिय़ों के सेंटिमेंट्स और प्रेशर के सवाल पर कपिलदेव का जवाब था कि पाकिस्तान के सामने जब इंडियन टीम उतरती है तो जितना प्रेशर आमजन महसूस करता है उतना ही हम खिलाड़ी भी महसूस करते हैं। हम लोगों से अलग नहीं है।

कपिल ने उम्मीद जताई कि इंग्लेण्ड ऑस्ट्रेलिया व साउथ अफ्रीका में भारतीय टीम जीत के सूखे को खत्म करेगी। आने वालों दिन अच्छे होंगे।

कौन सा खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है? सवाल पर कहा कि कोई भी किसी से बहेतर या कमजोर नहीं कह सकता। अगली जनरेशन बेहतर नहीं होगी तो दुनिया आगे नहीं बढ़ पाएगी। आज इन्होंने किया है तो कल और बेहतर करना है, यही सोच क्रिकेट को आगे बढ़ाएगी।

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