मोदी-फ्रांसीसी राष्ट्रपति का आगमन : नेताओं की जय-जय, अफसरों का बल्ले-बल्ले

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रिपोर्ट : सलील पाण्डेय

मीरजापुर : सोलर कम्पनी के लोकार्पण के मौके पर हफ़्तों से एक्सरसाइज करते अफसरों का बल्ले-बल्ले रहा तो सत्तापक्ष के नेता भी गदगद मुद्रा में हैं क्योंकि PM मोदी ने खुद ही नहीं बल्कि मण्डल-जिले के बड़े अफसरों को फ्रांसीसी राष्ट्रपति से मिलवाया। मिलन के इस अंदाज और क्षण की मिठास में दोनों नेताओं की मुस्कान का आशय शत-प्रतिशत मार्किंग से निकाला जा रहा है।

हेलीपैड पर फूल

दोनों नेताओं के एक ही हेलीकाफ्टर से उतरते मुख्यमन्त्री ने विधायकों का परिचय कराया। सभी फूल लिए खड़े थे। कुछ के फूल लकी थे जो हेलीपैड पर उतरते ही स्वीकार हो गए जबकि कुछ के फूलों को इंतजार करना पड़ा, जिसे जाते समय लेने के लिए PM ने कहा।

परिचय

हेलीपैड पर लाइन-अप में जो नेता-आफिसर खड़े थे, सबका परिचय मुख्यमन्त्री करा रहे थे। प्रोटोकाल के तहत आफिसरों में कमिश्नर, आईजी, डीएम तथा एसपी का परिचय फ्रांसीसी राष्ट्रपति से कराया गया।

मां विंध्यवासिनी चुनरी

नगर विधायक के साथ मां विंध्यवासिनी धाम के पुरोहित होने के कारण रत्नाकर मिश्र की ‘मां’ की चुनरी दोनों नेताओं को लुभा गयी। विधायक द्वारा गले में डाली गई चुनरी अंत तक गले मे लहराती रही। इसी के साथ मां विंध्यवासिनी के चित्र को आदर के साथ दोनों नेताओं ने लिया। पीएम मां विंध्यवासिनी की महत्ता भी बताने से चुके नहीं मैक्रो को।

सिमसिम दरवाजा खुल जा

उद्घाटन स्थल पर जिसके पास ‘पास’ था वे ‘सिम-सिम दरवाजा खुल जा’ स्टाइल में अंदर जा रहे थे और जिनका ‘सिम’ हैंग था, यानि मिला नहीं था, वे लाख कोशिश के बावजूद बेगाने ही बने रहे। कोई आरजू मिन्नत काम न आई।

चक्रव्यूह भेदन के अभिमन्यु

कुछ बड़े-बड़े जिले/गैर जिले के महारथी महाभारत युद्ध के अभिमन्यु साबित हुए। दर असल फैक्ट्री के अंदर VVIP गाड़ियों के लिए बड़े बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी अपनी अपनी गाड़ी छोड़कर एवं एक ही गाड़ी में सवार होकर अंदर गए। यही स्थिति विदेशियों की थी। आधुनिक AC बस में 30-35 विदेशियों को ढाई किमी दूर बने स्टेज की ओर ले जाया गया।

जैमर के बावजूद फोन जब्ती

तीन एम्बुलेंस के साथ जैमर वाहन भी थे। फोन निष्प्रभावी करने के लिए बड़ो-बड़ो का फोन एक स्थान पर जमा करा लिया गया। कई बड़े आफिसर फोन जब्ती से बचने के लिए अपने स्टाफ को फोन देकर अंदर गए।

डिहाइड्रेशन के शिकार

लगातार एक हफ्ते से साइट पर दौड़ते कई आफिसर डिहाइड्रेशन के शिकार थे, क्योंकि न दाना, न पानी सिर्फ धूप में दौड़ने की मजबूरी। कार्यक्रम समाप्त होते ही कड़ी ड्यूटी से संत्रस्त कई अधिकारी/कर्मचारी सीधे डॉक्टरों के यहां गए।

सनसनाती हवा

मौसम में धूप के बावजूद तेज हवा में नमी थी। दोनों नेताओं के मंच पर जाते ही जैसे शिलापट्ट का हृदय फड़फड़ाने लगा कि जल्दी नकाब हटे। लिहाजा शिलापट्ट के पर्दे हवा से उछल रहे थे।

ज्योतिषीय दृष्टि

भद्रा खत्म होने के एक मिनट बाद दोनों नेताओं के लोकार्पण में भाग लेने को पुरोहितों ने ज्योतिषीय कारण समझा

कम्पनी के लोग

कम्पनी के कतिपय लोगों का भाव-व्यवहार यहां के लोगों को जंचा नहीं। वे संवैधानिक महत्ता के पदों पर बैठे लोगों से जिस ढंग से बात-व्यवहार कर रहे थे, वह स्थानीय लोगों को अप्रिय लग रहा था। हाई-फाई नेताओं के कारण यह सब सह रहे थे कतिपय अधिकारी/कर्मचारी।

धूल नहीं प्रसाद

हेलीपैड पर सेना के 5 तगड़े हेलीकाफ्टर से उड़ती धूल को मां विंध्यवासिनी के चरणों का ही माना गया। ताजा बने हेलीपैड के चलते धूल पर नियन्त्रण सम्भव नहीं था।

मोदी के भाषण की इंतजारी

मोदी के भाषण की जिले को प्रतीक्षा थी। लोग वहां से लौटने वालों से पूछते देखे गए कि पीएम क्या बोले, बेरोजगारों के लिए क्या कहा ? यह जवाब पाकर कि कुछ नहीं बोले, तो लोग-बाग मायूस हुए क्योंकि गत दौरों में वे बड़े वायदे कर गए थे। जिसमें पुतलीघर से धुआं निकालने का भी आश्वासन शामिल थी।

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