विन्ध्य धाम में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, घड़े से किया गया पूरे मंदिर परिसर की धुलाई और सफाई

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– नगर विधायक व नगर पालिका अध्यक्ष ने भी माँ गंगा की पावन व पवित्र जल में गोता लगाकर घड़े से मंदिर को धुलने के लिए किया श्रम दान

– ब्यूरो रिपोर्ट

मीरजापुर : विन्ध्याचल रविवार को वैशाख प्रतिपदा को मां विंध्यवासिनी को घड़ा व जलपात्र लेकर मां कराया गया गंगा जल से स्नान व विंध्यवासिनी के दरबार में विशेष पूजा अर्चना के साथ अपना-अपना जल अर्पण कर श्रमदान के माध्यम से मंदिरों की साफ-सफाई किए। इसके साथ ही विंध्याचल विभिन्न मंदिरों को भी गंगाजल विशेष धुलाई की गयी जिसमें प्रमुख रूप से नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल तथा कई जनपदों से आये बूढ़े, जवान और बच्चों ने भी घड़ा लेकर गंगा जल से जल लेकर माँ विन्ध्यवासिनी को कोई 11 बार तो कोई 21, 51 बार जल भर के गंगा जी से माँ विन्ध्यवासिनी को और मंदिर प्रांगण के सभी देवी और देवताओं को जल से नहलाया गया और मंदिर के कोने-कोने तक को बड़े ही अच्छे प्रकार से धुलाई करते रहे। जिससे पूरा मंदिर प्रांगण और मंदिर का कोना-कोना चमकने लगा है और मंदिर के वह स्थान को भी अच्छी तरह से साफ किया गया जहां पर दीपक की वजह से पूरा दीवाल ही काला हो गया था।

मंदिर की धुलाई के लिए इस दिन विन्ध्याचल के लगभग सभी घरों से कोई पीतल के हंडे में कोई स्टील के तो कोई मिट्टी के बने पात्र से दोपहर तक माँ को स्नान कराकर पूरे मंदिर प्रांगण की सफाई करते रहे। रात्रि में मां विंध्यवासिनी का विशेष पूजा अर्चना विंध्याचल के विभिन्न मंदिरों का विशेष पूजा अर्चना किया गया। रविवार की सुबह से ही गली चौराहों पर घड़े की दुकानें सज गयी थी, तमाम भक्त घड़े लेते देखे गए। विंध्याचल का पक्का घाट, बाबू घाट, अखाड़ा घाट और दीवन घाट से भी लोग जल भर कर माँ के धाम में पहुंच रहे थे। लेकिन पक्का घाट मार्ग काफी भरा रहा। पक्का घाट पर विशेष जल पुलिस की व्यवस्था जिला प्रशासन को करना हुआ था, क्योंकि सबसे अधिक श्रद्धालु भक्तगण इसी घाट पर पात्र में जल भर कर मां विंध्यवासिनी का विशेष पूजन और अर्चना सायंकाल श्री विन्ध्य पंडा समाज के तत्वाधान में विधि विधान से किया गया।

 

 

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