विंध्याचल मन्दिर : श्रद्धा के जल में गोता लगाते श्रद्धालु

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– रिपोर्ट : साकेत/विभाव

मीरजापुर : वैशाख महीने का पहला दिन माँ विंध्यवासिनी के धाम में भक्ति के वृक्ष में आस्था की शाखाओं से शीतल-मन्द-सुंगध बयार बह रही थीं । हवाओं की गूंज में स्वच्छता की ध्वनि निकल रही थीं । नए शास्त्रकारों ने ‘या देवी सर्वभूतेषु पाद-प्रक्षालन रूपेण संस्थिता, नमः तस्यै नमः तस्यै नमः तस्यै नमोSनमः’ के साथ ‘स्वच्छता रूपेण संस्थिता. .’ आदि की गूंज सुनी ।

चरण पखारू मातु भवानी …

लोकगीतों से रीझने वाली ‘मां’ से अनुमति लेकर युवा-प्रौढ़ ही सेवा करने में उमंग से परिपूर्ण थे, ऐसा नहीं, कतिपय जीवन के आखिरी पायदान पर कदम रख चुकी 80-85 साल की माताएं ‘पग रख के धीरे-धीरे’ मन्दिर से दो-ढाई सौ फीट नीचे माता जाह्नवी का जल कलश में भर कर ला रही थीं। मन्दिर परिक्षेत्र का कोई कोना उन्हें धोने का क्या मौका मिला कि जैसे त्रिविध ताप धुल-मिट गए।

मन्दिर पर उमड़ा सैलाब

हर वर्ष मन्दिर के प्रक्षालन में मन्दिर दर्शनार्थियों के लिए 10 बजे पूर्वाह्न से बन्द हो जाता रहा, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका था। केवल मन्दिर की भूमि ही नही छत, ऊपरी हिस्सा, झांकी-झरोखा, बारजा-टाँड़, रेलिंग सब साफ कर ‘स्वच्छता-क्रांति’ का अध्याय लिखा जा रहा था।

आपात परिस्थिति

एक समय मन्दिर इलाके में जनसैलाब और धुलाई का समंदर जब उतर पड़ा तब नाम और वर्तमान में सत्ता-शक्ति के समंदर नगर विधायक रत्नाकर मिश्र और पंडा समाज के सुप्रीमो राजन पाठक अपनी टीम गौतम द्विवेदी, मनोहर द्विवेदी के साथ भागते हुए आए और मन्दिर में विद्युत-प्रवाह को रोक दिया ताकि पानी पाकर बिजली आस्था के रंग में भंग न कर दे।

कन्धे और सिर पर पानी का घड़ा

‘मां’ का पांव पखारने में मन्दिर के अंदर जिम्मेदार लोगों को ही जाने दिया जा रहा था जबकि सीढ़ी, आंगन, छत पर जनसमुदाय धुलाई कर रहा था। इस बीच ‘माँ’ की मूर्ति ढक दी गयी थी। कोई कन्धे पर तो कोई सिर पर तो छोटे बच्चे हाथ में पानी लेने खुद गङ्गा नदी से की तरफ़ आते-जाते दिखे। इस सेवा में जो भाव निहित था, उसका आशय ‘श्रमेव जयते’ और चिंतन तथा विचारों में तरलता बनाए रखने का प्रकट हो रहा था।

पुलिस वाले भी सेवा में

नवरात्र मेले में कमिश्नर मुरली मनोहर लाल एवं आई जी विजय मीना के निरन्तर मुआयने, आस्थावान DM विमलकुमार दुबे तथा SP आशीष तिवारी की नवरात्र में मन्दिर पर भक्तियुक्त सप्तशतीपाठ, ADM राजित राम प्रजापति, नगर मजिस्ट्रेट डी पी मिश्र की ‘अहर्निश सेवामहे’ के भाव का असर रहा कि सरकारी तंत्र भी इसमें अंतर्मन से लगा दिखा।

नगरपालिकाध्यक्ष ने भी की

‘मां’ की इस सेवा में इस बार पालिकाध्यक्ष मनोज जायसावल भी पहुंचे और घड़े में पानी लेकर धुलाई-सफाई में लगे।

सेल्फी का भी चलता रहा सिलसिला

इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों में सेवा के इस मौके को प्रसारित-प्रचारित करने के लिए सेल्फी का भी सिलसिला चलता रहा।

नगर-विधायक ने नहीं पहनी माला

विभिन्न इलाकों से पहुंचे कतिपय लोगों ने नगर विधायक को तीर्थ पुरोहित के नाते माला पहनाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने सेवा-बीच माला नहीं पहने बल्कि उसके फूल घड़े में डलवा दे रहे थे ताकि पुष्पयुक्त जल से मां विंध्यवासिनी का अभिषेक हो।

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