कितना घातक हो सकता है हाई हील्स पहनना !

0
223

– खुलासच डेस्क

दिल्ली : अधिक स्मार्ट दिखने की चाहत में आजकल युवतियां हाई हील पसंद करती हैं और उसे पहनकर फूली नहीं समातीं। लेकिन आप जो कुछ पहन रही हैं, वह सेहत के लिए ठीक भी है या नहीं? कहीं ऐसा न हो कि सौदा महंगा पड़ जाए। युवाओं के पसंदीदा आधुनिक फैशनेबल जूते न सिर्फ पैरों, बल्कि रीढ़ की हड्डी सहित शरीर के अन्य कई अंगों के लिए भी नुकसान-देह साबित हो सकते हैं। नॉर्थ लंदन के वैज्ञानिकोें ने विभिन्न आयु समूह की महिलाओं पर शोध के बाद यह नतीजा निकाला है। आइए, जाने कि जूते हमारे लिए क्या-क्या समस्याएं पैदा कर सकती हैं …

स्लिप औन शूज : एकदम सपाट होने के कारण ये कमर की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुचा सकते हैं, जिस से आप को असहनीय दर्द हो सकता है।

बैलेट पंप्स : सपाट होने के साथ इन में हील नहीं होती। इन से पंजे नुकीले हो जाते हैं और घुटनों में तकलीफ होती है।

ट्रेनर्स : लो कट और लेस वाले हलके शूज को युवतियां खूब पसंद करती हैं। इन से पंजों की मांसपेशियों में अकड़न और उन के अंदर की ओर मुड़ जाने की समस्या पैदा हो सकती है। इससे पैरों में गांठ पड़ने के मामले भी सामने आए हैं।

स्टिलस्टोज हील्स : 1 इंच से 10 इंच तक ऊंची हील वाले इन जूतों से चाल तो बिगड़ती ही है, साथ ही कुछ खास विकृतियों के चलते घुटनों, पीठ और कमर में तेज दर्द भी हो सकता है। इन से पिंडलियों की मांसपेशियां भी छोटी हो जाती हैं।

इन दिनों जूतों की दुनिया में ऊंची एड़ी का फैशन छाया हुआ है। यहां तक कि 6-6 इंच ऊंची एड़ी के जूते-चप्पल और सैंडल पहने युवक-युवतियों को देखा जा सकता है। युवक भी ऊंची एड़ी के जूते तो पसंद करने लगे हैं, लेकिन इन के जूतों का तला भी ऊंचा होता है, जबकि महिलाएं जिन चप्पल, सैंडलों को पसंद करती हैं, उन के तले का भाग नीचा और एड़ी ऊंची होती है। ऊंची एड़ी के चप्पल, सैंडल पहन कर आप इठला भले ही लें, लेकिन उन से उपजने वाली परेशानियां भी कुछ कम नहीं हैं। लगातार ज्यादा समय तक इन्हें पहने रहने से नसों में खिंचाव महसूस होने लगता है, मांसपेशियों की शक्ति क्षीण होने लगती है। परिणामस्वरूप पिंडलियों में स्थाई तौर पर दर्द की शिकायत हो जाती है। यही नहीं, ऊंची एड़ी के चप्पल-सैंडलों की वजह से कई बार नसों में सूजन भी आ जाती है।

ऊंची एड़ी के चप्पल, सैंडल आप को सामान्य रूप से चलने में भी दिक्कत देते हैं। वक्त आने पर आप उन्हें पहन कर तेज भाग या चल नहीं सकतीं। यदि दौड़ कर बस पकड़नी हो, तो पैरों में मोच आने की आशंका रहती है। कई बार तो गिरने की वजह से हड्डियां भी टूट जाती हैं।

सावधानी जरूरी :

ऊंची हील वाले जूते पहनने का शौक महिलाओं के लिए एडि़यों और टखनों में दर्द का कारण बन सकता है। एक ताजा शोध में 64% महिलाओं ने ऐसे जूतों व सैंडलों की वजह से एडि़यों में दर्द की शिकायत की। ब्रिटेन के इंस्टीट्यूट औफ मस्कोस्केलिटल की एक रिसर्च में शोध छात्रा एलिसिया डरफर के अनुसार, ‘महिलाओं को हाई हील वाले जूते पहनने से एडि़यों का दर्द इसलिए होता है, क्योंकि जूतों की संरचना पैरों की कुदरती बनावट के अनुरूप नहीं होती. सख्त, रबड़ की तली वाले जूते पहनने से पुरुषों को भी एडि़यों का दर्द झेलना पड़ सकता है।’

इस से शरीर के भार का गुरुत्व केंद्र बदल जाता है। पैर प्राकृतिक भार वहन नहीं कर पाते। पैरों में दर्द, सूजन और गांठ पड़ने की प्रमुख वजह यही होती है। कभी- कभी तो इस का असर कूल्हे, रीढ़ की हड्डियों से होता हुआ कंधों और मस्तिष्क तक भी पहुंच जाता है और यह पीड़ा बरदाश्त से बाहर हो जाती है। यदि आप अपना कद लंबा दिखाना चाहती हैं, तो ऐसे जूते-चप्पल या सैंडल पहनें, जो सभी तरफ से ऊंचे उठे हों, न कि केवल एडि़यों की तरफ से।

महिलाएं खासकर युवतियां हाई हील जूते पहनना पसंद करती हैं, लेकिन आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी के ताजा शोध में इन्हें हड्डियों के लिए खतरनाक पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस तरह के जूतों में हील के कारण लगने वाले झटके घुटनों पर भारी दबाव डालते हैं। इस से कुछ समय के बाद जोड़ों में घिसाव शुरू हो जाता है। समय के साथ यह समस्या औस्टियोआर्थराइटिस के रूप में उभरती है। जूतों की हील जितनी ऊंची होगी, समस्या उतनी ही गंभीर हो सकती है। ताजा शोध में यह भी पाया गया है कि हाई हील से महिलाओं की चाल भी बदल जाती है।

हाई हील न केवल पैरों के लिए परेशानी का कारण बनती है अपितु कमर के निचले हिस्से में दर्द की समस्या भी पैदा करती है। शरीर का सारा वजन पैरों के अगले हिस्से पर रहता है। यदि आप लंबे समय तक हाई हील पहनती हैं तो शरीर के जोड़ों में भी तकलीफ होनी शुरू हो जाती है। गर्भवती महिलाओं के लिए ऊंची एड़ी के चप्पल या सैंडल घातक हो सकते हैं। उलटा-सीधा पैर पड़ जाने पर गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।

आप जो भी जूते-चप्पल या सैंडल खरीदें, इस बात पर गौर करें कि एड़ियों की ऊंचाई किस चीज से बनाई गई है। आमतौर पर लकड़ी या रबड़ से एड़ियों को ऊंचा किया जाता है। लकड़ी लगी होने से पैरों की शिराओं पर अधिक दबाव पड़ता है अत: रबड़ से बनी एड़ी वाले जूते-चप्पल को प्राथमिकता देनी चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.