अफेयर था लेडी पुलिस इंस्पेक्टर से, चाकू से कर दिया पत्नी के दो टुकड़े

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– खुलासच डेस्क

हजारीबाग (झारखंड) : अनु पाठक हत्याकांड में पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर ने बड़ा खुलासा किया। अनु पाठक की हत्या के बाद उनकी पुत्री ने अपने पिता के महिला मित्र मंजू ठाकुर से अवैध संबंध का आरोप लगाया था। मंजू ठाकुर पीटीसी में इस्पेक्टर के रूप में पदस्थापित हैं। वह 1994 बैच की है। जानकारी के अनुसार विनोद पाठक के साथ एक कंपनी का आउटलेट भी चलाती थी। विनोद पाठक सीएमपीडीआई की बड़कागांव शाखा में कार्यरत था। वह एक योग संस्था जिलाध्यक्ष भी था। जानकारी हो कि जयप्रभा नगर की रहने वाली महिला अनु पाठक की हत्या कर उसके शव को पॉलीथीन में भरकर छुपा दिया गया था। खुलासे से यह साफ हो गया कि अनु पाठक के पति विनोद पाठक का उससे दो साल से अफेयर था। यही हत्या का कारण बना। बता दें कि 29 जनवरी को जयप्रभा नगर में बिनोद ने अपनी पत्नी अनु पाठक की हत्या कर दी थी। उनकी 15 साल की बेटी कृति ने थाने में अपने पिता पर हत्या का मामला दर्ज कराया है। वहीं मंजू और पिता के नाजायज रिश्तों के बारे में जानकारी दी थी। हालांकि, अब तक विनोद पाठक का ठिकाने का पता नहीं चल सका है।

पतंजलि योग पीठ के माध्यम से बना था परिचय

बता दें कि 30 जनवरी को अन्नु पाठक की निर्मम हत्या कर शव को घर में रखे दीवान के बॉक्स में छुपा दिया गया था। इस हत्या कांड के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला गया। मृतका अन्नू पाठक की तस्वीर पर कैंडल जलाकर 2 मिनट का मौन भी रखा।अनु पाठक हत्या कांड में बेटी कृति पाठक के बयान पर बड़ी बाजार टीओपी में मामला दर्ज कर लिया गया। इसमें मृतका के पति विनोद पाठक को नामजद अभियुक्त बनाया गया हिरासत में ली गई महिला पुलिस पदाधिकारी मंजू ठाकुर का कहना था कि इस घटना से उसका कोई लेना देना नहीं है। विनोद पाठक से व्यावसायिक संबंध रहा है। मृतका की बेटी कृति बेवजह फंसा रही है।

जबकि थाने में पुलिस की मौजूदगी में कृति ने काउंटर डिस्कशन में कहा कि महिला पुलिस इस्पेक्टर से कहा कि वह मम्मी की हत्या की जिम्मेदार है। उसने इंस्पक्टर से कहा, तुम मेरे घर पर आती थी। रुकती भी थी। पापा के साथ राजस्थान भी गई थी। मेरे घर के किचन में भी जाती थी और आज सब बात छुपा रही हो। मंजू ने कहा कि विनोद पाठक से वर्ष 2013 में पतंजलि योग पीठ के माध्यम से परिचय बना। हम भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़ कर काम करते रहे। दोनों ने पार्टनरशिप में मटवारी में ऑफिस सह दुकान खोली। मैं कंपनी की ओर से राजस्थान टूर पर गई थी, तब विनोद भी साथ थे। अभी उनसे पूछताछ जारी है। इधर कुछ ऐसे संदिग्ध भी दिखे, जिनकी भूमिका बच्चों का हमदर्द बन कर उनपर निगरानी करने जैसी थी। वे मृतका के भाई को मीडिया से दूर रखने में जुटे थे। टीओपी प्रभारी नथुनी प्रसाद ने कहा कि सारी एक्टिविटी पर नजर है।

घटना के बाद 32 बार मंजू ठाकुर और विनोद पाठक में हुई है बातचीत

पुलिस के मुताबिक, बिनोद पाठक ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद सीधा मंजू ठाकुर के पास खून से लथपथ पहुंचा था और हत्या के बारे में पूरी जानकारी दी। पुलिस को मंजू ने यह भी बताया कि अनु का सिर से धड़ अलग करने का आइडिया उसने ही दिया था। मंजू ने विनोद पाठक को हत्या करने के बाद अलग-अलग जगहों पर लाश छुपाने का तरीका भी बताया था। रस्सी और हत्या में शामिल चाइनीज चाकू मंजू ने ही मुहैया कराया था। घटना के बाद 32 बार मंजू ठाकुर और विनोद पाठक में बातचीत हुई है। विनोद की प्रेमिका मंजू अपने भाई के कॉन्टेक्ट में लगातार रही। वह मोबाइल बदल-बदल कर बातचीत किया करता था।

 

अनु पाठक की हत्या की प्लानिंग 10 से 15 दिन पहले बनी थी। विनोद ने अपने तीनों मोबाइल 20 जनवरी से ही बंद कर लिए थे। वह नए नंबर से मंजू से बात करता था ताकि किसी को शक न हो। मंजू से विनोद की अाखिरी बात पीसीओ से दो दिन पहले हुई थी। पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि बिनोद जिस वक्त अपनी पत्नी की गला रेतकर हत्या कर रहा था, तब किस शख्स ने उसकी मदद की।

 

क्राइम पेट्रोल व सावधान इंडिया देखने के लिए प्रेरित करती थी मंजू

पूछताछ के बाद यह भी बात सामने आई कि विनोद रात को क्राइम पट्रोल और सावधान इंडिया देखा करता था। मंजू उसे बराबर क्राइम पट्रोल और सावधान इंडिया देखने के लिए कहा करती थी। इसलिए मर्डर करने के बाद सबूत छुपाने का तरीका इन्हीं टीवी प्रोग्राम से सीखा था।पत्नी की हत्या के बाद विनोद को बड़ा बाजार टीओपी में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराने के लिए मंजू ने ही कहा था। मामला दर्ज कराने को लेकर मंजू ने थाना के इंचार्ज पर दबाव भी डाला था। हत्या के ही दिन से पुलिस मंजू की हर हरकत पर नजर रख रही थी।

अनु ने कहा था शादी कर लो पर बच्चों को टॉर्चर मत करो

हत्या के दिन सुबह में अनु पाठक ने मंजू ठाकुर को फोन पर कहा था कि आपलोग चाहें तो शादी कर लीजिए, हमको कोई एतराज नहीं है, लेकिन उनको (विनोद) समझाइए कि बच्चों को टॉर्चर नहीं करें।हत्या करने के बाद बिनोद अपने ही आॅफिस के सिक्युरिटी सुपरवाइजर की इंडिगो कार से डोभी तक गया था। इस मामले में सिक्युरिटी सुपरवाइजर और उसकी पत्नी से भी पुलिस ने पूछताछ की है।घटना के बाद सुपरवाइजर को बिनोद ने कहा था कि जल्दी से अपनी कार लेकर मेरे पास पहुंचे। मुझे जरूरी काम से डोभी निकलना है। कार से डोभी जाने के बाद बिनोद पाठक कहां गया इस बात की जानकारी सिक्युरिटी गार्ड नही बता पाया।

मंजू को जेल भेज दिया गया

पुलिस इंस्पेक्टर से लगातार दो दिनों तक पुलिस ने कई राउंड कड़ी पूछताछ की। जिससे वह टूट गई और हत्या से जुड़े कई राज खोल दिए। सारे राज फाँस के बाद पुलिस ने मंजू को जेल भेज दिया।

प्रमुख आरोपी विनोद पाठक पुलिस के हत्थे लगा

मंजू को जेल भेज देने के बाद पुलिस मुस्तैदी से प्रमुख आरोपी उसके पति विनोद पाठक की तलाश मे जुट गई। पुलिसिया दबिश के कारण वह 17फरवरी को हजारीबाग सरेंडर करने आ रहा था कि पुलिस को इसकी भनक मिल गई। आनन-फानन में पुलिस ने कोडरमा स्टेशन से उसे धर दबोचा और हजारीबाग ले आई। उसने पुलिस के बताया कि हत्या पूर्व नियोजित थी। इसके लिए उसने चाकू और प्लास्टिक की बोरी बाजार से खरीदा था।

विनोद पाठक के अनुसार उसने अपनी पत्नी की हत्या महिला पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर के साथ अवैध संबंध के कारण तनाव में आकर की थी। विनोद पाठक ने प्रारंभिक पूछताछ में स्वीकार किया है कि महिला पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर के साथ उसके अनैतिक ताल्लुकात थे। इस कारण रोज पत्नी अन्नु ठाकुर के साथ घर में कलह होते रहता था। पत्नी सहित बच्चों तक को इस अवैध ताल्लुकात की जानकारी थी। इस कारण उसके समक्ष हालात ऐसे हो गये थे कि कई बार तनाव में उसने खुद आत्महत्या की भी सोची बाद में इसी तनाव मेें उसने अपनी पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी।

स्वीकारोक्ति बयान के मुुताबिक घटना के दिन वह रोज की तरह अपने कार्यालय चला गया था। कार्यालय में ही मोबाइल पर उसकी पत्नी के साथ काफी तीखी बहस हुई। इसके बाद वह काफी तनाव में आ गया था। कार्यालय से वह पुन: घर लौटा और पत्नी के साथ उसकी बहस जारी रही। उस वक्त घर में वह और पत्नी अन्नु ठाकुर दोनों अकेले थे। बच्चे स्कूल गये थे।

तीखी बहस के बाद दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। इसके बाद उसने अपनी पत्नी पर काबू पा लिया और पहले से घर मेें लाकर रखे गये चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी और शव को दीवान में छिपाकर उसने कमरे में ताला बंद कर दिया। बच्चे जब स्कूल से लौटे तो उसने केवल इतनी जानकारी दी कि मम्मी कहीं चली गई है। कमरे में लगाने के लिए उसने नया ताला बाजार से खरीदा था। दूसरे दिन पुलिसिया जांच के दौरान ही वह हजारीबाग से भाग निकला। भागकर वह उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में छिपता रहा हताश होकर सरेंडर करने आ रहा था कि पुलिस के हत्थे लग गया।

 

मंजू ठाकुर और विनोद पाठक को आमने सामने बैठाकर पुलिस करेगी पूछताछ

एसपी अनिश गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि आवश्यकता पड़ी तो हत्याकांड के दोनों प्रमुख आरोपितों पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर और विनोद पाठक को आमने-सामने बैठाकर उनके बयानों का क्रास वेरिफिकेशन भी करेगी। वकौल एसपी विनोद पाठक ने मंजू ठाकुर के साथ अपने अनैतिक संबंधों को स्वीकार कर लिया है। पंतजलि में काम करने के दौरान ही दोनों एक दूसरे के करीब आये थे। एसपी के मुताबिक अभी तक इस बात के साक्ष्य हाथ नहीं मिले हैं कि इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर भी हत्या को अंजाम देने की साजिशकर्ता था, या मंजू ठाकुर को पहले से इस बात की जानकारी थी कि विनोद अपनी पत्नी की हत्या करने वाला है।

हत्याकांड के बाद मंजू और विनोद के बीच कई बार मोबाईल पर बात होने की पुष्टि एसपी ने भी की। कहा कि पता लगाया जा रहा है कि मंजू ठाकुर ने विनोद के भागने में कितनी मदद की। एसपी के मुताबिक हत्या अवैध संबंधों व इससे उपजे कलह के बाद तनाव में आकर की गई। हत्याकांड पूर्वनियोजित थी क्योंकिे विनोद पाठक ने घटना को अंजाम देने के लिए बाजार से चाकू और प्लास्टिक की बोरी खरीदा था, जिसका खरीदार से सत्यापन कराया जा चुका है। अभी मामले को सुलझाने के लिए दोनों आरोपितों से पूछताछ होगी।

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