गुरुद्वारा बंगला साहिब का अटूट-मानव सेवा के लिए “गिनीज बुक ऑफ-वर्ल्ड रिकॉर्ड” मे नाम दर्ज

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रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया

दिल्ली : गुरुद्वारा बंगला साहिब को अटूट-लंगर द्वारा मानवता की सेवा के आधार पर “वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड” से सम्मानित किया गया है। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान-मनजीत सिंह ने कहा, यह सर्टिफिकेट गुरुद्वारा कमेटी का ना होकर गुरु-दरबार की सेवा से जुडी संगत का है। उन्होंने गुरुद्वारा से जुड़ी सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा, यह गुरु-नानक का घर है। यहां पर हर रोज निस्वार्थ सेवा होती है। जंतर-मंतर के पास होने की वजह से यहा हर रोज तकरीबन तीस-चालीस हजार के करीब लोग लंगर खाते हैं। शनिवार और रविवार को तो यहा लोगों की संख्या का कोई हिसाब ही नहीं रहता। लेकिन जब भी कोई रैली होती है और तब बाहरी राज्यों से आए हुए आदमियों की तादाद पचास हजार से भी ऊपर चली जाती हैं।

मेरे और मेरी कमेटी के पास स्टाफ की कमी होते हुए भी, मैं यह फक्र से कहना चाहूंगा, एक तरफ लंगर पक रहा होता है, दुसरी तरफ बर्तन भी साफ होते रहते हैं। कुल मिलाकर चाहे जितनी भी संगत आ जाए गुरु का लंगर अपने आप में एक मिसाल पेश करते हुए, सफलतापूर्वक चलता रहता है। इसी को देखते हुए गुरुद्वारा-बंगला साहब को “वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड” मैं मानवता की सेवा करने के लिए सबसे ऊंचा दर्जा प्रदान किया गया है। इसके लिए मैं गुरु साहब की हर एक संगत का धन्यवाद करता हूं। संतोष शुक्ला ने मीडिया से बताया मैं पढ़ाई के समय से बंगला साहिब गुरुद्वारे की सदियों से चलती आ रही निस्वार्थ सेवा से बहुत प्रभावित था। इसलिए मेरी श्रद्धा निष्ठा-भाव इस बंगला साहब से जुड़ा हुआ है। यहां के अटूट लंगर मानव-सेवा, स्वास्थ्य सेवा और जंतर-मंतर पर भारी संख्या में जो अनशन और धरने पर लोग बैठते हैं, जब किसी को भूख लगती है तो वह बंगला साहिब मे लंगर खाने चले जाते हैं।

इस मानव सेवा के चलते मैंने एक राइटर “वर्ल्ड ऑफ बुक रिकॉर्ड टीम” को इंग्लैंड में भेजा था, जिस को स्वीकारा गया और बंगला साहिब गुरुद्वारे को सबसे सर्वश्रेष्ठ-मानवता की सेवा के आधार पर “गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” में नाम दर्ज किया गया। कमेटी प्रधान मंजीत सिंह ने कहा, हम “वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड” के साथ-साथ बंगला साहिब गुरुद्वारा की संगत की निस्वार्थ सेवा, लगन का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। उनके अनुसार वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड ऑनर से बडी गुरु की सेवाएं हैं, जिसको हम लगातार करते रहे हैं और करते रहेंगे। इस तरह दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब को महानतम समाज-सेवा और अटूट-लंगर सेवा के लिए UK ने दिया सम्मान। यह हम सब के लिए मानव समाज-सेवा को लेकर हमारे देश के लिए बहुत गौरव और उत्थान की बात है।

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