पीएम राजनेता कम विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञ ज्यादा दिखे

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रिपोर्ट : सलिल पांडेय

मीरजापुर : नगर से सटे चंदईपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तकरीबन 45 मिनट के भाषण में 25 मिनट के आसपास खेती-किसानी पर केंद्रित रहा। लम्बी अवधि से निर्माण-प्रक्रिया से गुजर रही बाणसागर परियोजना को लोकार्पित करते हुए उन्होंने एक एक बून्द पानी के उपयोग के जरिए किसानों को मैसेज देना चाहा कि पानी का दुरुपयोग रुकना चाहिए। वे कृषि विशेषज्ञ की तरह उद्बोधन करते दिखे।

उत्तर प्रदेश सरकार इसी प्लानिंग पर चल रही है

प्रदेश सरकार स्प्रिंकिलर सिस्टम से बुन्देलखण्ड में सिंचाई व्यवस्था शुरू करने का कदम उठा चुकी है। इस सिस्टम का भी उल्लेख पीएम ने किया। क्योंकि पूर्वांचल में एक आमधारणा किसानों में है कि इनके खेत में जितना पानी भरा रहेगा, उतनी अधिक खेती होगी। लेकिन ताजा अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि आवश्यकता के विपरीत खेत में पानी भरने से खेत जल्दी बंजर होते हैं। क्योंकि पानी के साथ बहते हुए कुछ ऐसे तत्व खेतों में जमते रहते हैं कि उससे खेत की उर्वरा-शक्ति घटती जाती है। दिनोदिन पहले से ज्यादा खाद डालना पड़ता है।

योगी के सवा साल

बाणसागर परियोजना पर प्रशंसा का जोरदार पुल बना गए मोदी। खासकर सवा साल में हुए कामों की तारीफ की तो मुख्यमंत्री योगी सहित सिंचाई विभाग के आफिसर्स, इंजीनियर उत्साहित होते दिखे।

अनुप्रिया की लोकप्रियता का शेयर हाई हुआ

मुख्यमंत्री के बाद मोदी के सहयोगी दल की अनुप्रिया को बहन से सम्बोधन के साथ उनके पिता सोनेलाल पटेल का नाम लेने से अनुप्रिया की पॉपुलरटी में इजाफा हुआ। मोदी उनको और मजबूत कर गए।

बीमा की वकालत

पीएम कम मूल्य के प्रीमियम पर बीमा कराने की अपील ही नहीं, बल्कि पूरे फायदे बीमा के ऑफिसरों की तरह समझा रहे थे। इसी तरह स्वास्थ्य एवं शौचालय आदि पर वे राजनेता कम शिक्षक ज्यादा दिखे।

बिफोर टाइम

पीएम का हेलीकाफ्टर बिफोर टाइम यहां उतरा। लोगबाग खुद अचकचा गए कि प्रायः वीआईपी लेट होते हैं, लेकिन पहली बार उल्टा हुआ।

आदित्य (रविवार) का प्रभाव

एक दिन पूर्व तक गरजते-बरसते बादल थम ही नहीं गए बल्कि रविवार को सूर्य पूरी तरह प्रभावशाली हो गए। इससे फायदा ज्यादा हुआ लेकिन कड़ी धूप से बेचैनी भी रही। खासकर जिन्हें भुजवा चौकी मोड़ पर ही पैदल कर दिया गया वे 2 किमी धूप में चलते हुए बेचैन थे।

मानवीय पहलू

क्षेत्र में दो तरह का दृश्य था। जहां चंदईपुर में कुछ लोगों ने मानवीय पहलू पर ज्यादा जोर दिया। इसी में तेज-तर्राक सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता दिलीप सिंह गहरवार जो धरना-प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, ने यहां आए लोगों के वाहन के लिए अपना अहाता ही नहीं खोला बल्कि हर आगन्तुक का अतिथि सत्कार किया। खासकर पानी के लिए लोग बेचैन थे।

दूसरा दृश्य

जनसभा में एक दूसरा माहौल भी दिखा कि जनसभा के बाद भीड़ वहां रखे सामानों पर टूट पड़ी। सारे फ्लैक्स बोर्ड, पानी की बची बोतल तक लेकर भाग निकले।

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