पीएम आवास योजना : आवंटन के नाम पर ग्राम प्रधान ने की जमकर धन उगाही

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ग्रामीणों ने की ब्लॉक प्रमुख से शिकायत, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने दिया जाँच कराकर दोषी के खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन

– ब्यूरो रिपोर्ट

मीरजापुर : सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो कोई बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने कहा था कि इस योजना के तहत प्रदेश में लाखो गरीबों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा था इस योजना में यदि भ्रष्टाचार या धन उगाही की कोई शिकायत हुई तो कोई बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने ग्राम प्रधान और अधिकारियों को आगाह करते हुए उन्हें सतर्कता बरतने की सलाह भी दी थी।
आपको आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन जी हाँ हम बात कर रहे है केन्द्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र मझवा विकास खण्ड के जमुआ की जहाँ प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर जमुआ में एक ग्राम प्रधान पर अवैध वसूली का आरोप लगा है।

मीरजापुर जनपद के मझवा विकास खण्ड अन्तर्गत गाँव जमुआ निवासी लक्खी देवी पत्नी स्व मुरारी गुप्ता ने महिला ग्राम प्रधान रेखा देवी पत्नी मुकेश गुप्ता के विरुद्ध ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राज कुमार गुप्ता के समक्ष मोर्चा खोल दी है। मझवा ब्लॉक प्रमुख से उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। ग्रामीण मुनैवल, लक्खी देवी, खुनखुन पाल, दूधनाथ, कलावती, भोनू का आरोप लगाया है की ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश गुप्ता ने हम सभी लोगो से प्रधानमन्त्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 10,000 रुपया ले लिये, बावजूद उसके अभी तक आवास नही मिल सका। पूछने पर हीलाहवाली करते है और गाली गलौज मारपीट तक भी आमदा हो जाते है।

मामला का पर्दाफाश तब हुआ जब सोमवार को गाँव में राशन कार्ड के सत्यापन के लिए सप्लाई इंस्पेक्टर विकास सोनकर ग्रामीणों के बीच जाकर राशन कार्ड की सत्यापन कर रहे थे। उसी बीच ग्रामीणों ने आवास के नाम पर धन उगाही का भी मामला सप्लाई इंस्पेक्टर को बताई, तब उन्होंने इसकी जानकारी मझवा ब्लॉक प्रमुख संध्या गुप्ता प्रतिनिधि राजकुमार गुप्ता को दी। सूचना पर पहुँचे श्री गुप्ता ने ग्रामीणों की बात सुनी और लोगो को किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया।

ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया की मैं इसकी जाँच जिलाधिकारी से कराऊंगा जो भी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। वही ग्रामीणों का आरोप रहा की जिनके यहाँ पक्का मकान, भूमि, सरकारी नौकरी व पहले से आवास बना है उनका भी प्रधान हम लोगो के पहले आवास बनवा दे रहे है। हम लोगो से पैसा लेने के बाद भी आवास नही बन पा रहा है। जबकि हम लोग अत्यंत गरीब व पात्र है। इतना ही नही जिनका आवास चयनित हो गया है उनसे बगैर दस हजार लिए उनका भी काम नही होने दे रहे है। पीएम आवास की पहली किस्त दर्जनों लाभार्थियों की आ गयी है उसके बावजूद भी। लक्खी देवी ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान द्वारा बार बार प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले को लेकर शपथनी लक्खी ने ग्राम प्रधान जमुआ के खिलाफ गोपनीय स्तर से जाँच कर कड़ी कार्रवाई की गुहार ब्लॉक प्रमुख मझवा से लगाई है।

भ्रष्टाचार के खात्मे के लिये कब होगी मुनादी

तमाम प्रयासों के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार रुक नहीं पा रहा है। अपात्रों को आवासों का आवंटन और उगाही की शिकायतें आम हैं। जिले की कई पंचायतों में धांधली की शिकायत पर हुई। जांच में इसका खुलासा हो चुका है। आवासों के आवंटन में उगाही और भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन तक पहुंच रहीं हैं। जिसके बाद प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया था कि गांव-गांव मुनादी कराई जाए कि अगर कोई भी पात्र प्रधानमंत्री आवास पाने से वंचित हो, कोई आवास आवंटन में पैसा मांग रहा हो या पैसा लेकर अपात्रों को लाभांवित कर रहा हो तो उसकी शिकायत सीधे डीएम और सीडीओ से की जाए। इस आदेश का अनुपालन करने का आदेश सभी खंड विकास अधिकारियों को जारी किया गया है। यही नही प्रमुख सचिव ने शिकायत के लिए वाल राइटिंग की फोटोग्राफी के साथ साथ वाल पर टोल फ्री नम्बर को अंकित करने का आदेश दिया।

जाँच और कार्रवाई का आदेश

सरकार ने देश से भ्रष्टचार को समाप्त करने और नौकरशाही पर लगाम कसने के लिए गांवों मे पंचायती राज को लागू किया है सारे अधिकार पंचायतो को दे दिए हैं ताकि गांव का प्रधान या सरपंच गांव में विकास का बयार ला सके और लोगों को ज्यादा से ज्यादा से लाभ मिल सके लेकिन जब इस योजना को धरातल पर उतारने की बात आती है तो कई बार पंचायत मित्र, ग्राम प्रधान व सरकारी कर्मियों द्वारा लाभार्थियों के शोषण करने का मुद्दा भी सामने आता है। वही इस बाबत मझवा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राज कुमार गुप्ता का कहना रहा की इस तरह की घटना की निंदा करता हूँ। अगर प्रधान प्रतिनिधि इस तरह का भस्ट्राचार अगर प्रधान द्वारा की गयी है तो यह सरासर गलत है इसकी जाँच जिलाधिकारी से कराने की मांग करूँगा और तीन दिन के भीतर ग्रामीणों को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात कर कार्यवाही की माँग की जायेगी।

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