बिन-परमिट अवैध तरिके से चल रही गाड़ियों का आंतक

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रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया

दिल्ली : रोहणी जिला के अलीपुर इलाका मे रक्षाबंधन पर बड़ा हादसा होते-होते टला। अलीपुर के पास गांव मखमेलपुर का रहने वाला सुधीर टोकस सोनीपत में राखी का त्यौहार मनाने गई अपनी बीवी वह बच्चों को नरेला के सिंघु बॉर्डर पर लेने गया। सुधीर खुद टैक्सी चलाता है, जैसे ही वह हाइटन गाड़ी लेकर सिंघु-बॉर्डर पर पहुंचा, तो वहां पर अवैध रूप से चलने वाली मौजूद गाड़ियां जो सवारियों को मुकरबा चौंक तक ले जाती हैं। वह कई दिनों से बिना परमिट के चलती आ रही है। सुधीर ने जैसे ही अपने बीबी-बच्चों को गाड़ी में बैठाया तो वहां खड़े ड्राइवरों को लगा कि वह यहां से सवारी को लेकर जा रहा है। उन्होंने सुधीर को रोककर बहस-बाजी करते हुए उसके साथ मारपीट शुरुकर दी।

सुधीर ने अपने आप को जैसे तैसे कर बचाते हुए पुलिस को सूचित करते हुए अपनी गाड़ी को जल्दी से वहां से भगा लिया। लेकिन गाड़ियों के गिरोह ने उसके पीछे तीन गाड़ियां लगाकर उसका पीछा करना शुरूकर दिया। कुछ किलोमीटर की दूरी पर चलते हुए अलीपुर के शनि मंदिर के पास सुधीर को पीसीआर की गाड़ी आती हुई दिखाई दी। वह गाड़ी रोककर पीसीआर की गाडी के पास आकर सहायता हेतु खड़ा हो गया। तभी दस मिनट बाद पीछे से आती बदमाशों की गाड़िया आकर वहां रुकी और पीड़ित के अनुसार पुलिस के सामने ही बदमाशों ने पहले उसे जोर से थप्पड़ मारा, फिर इन छह बदमाशों में से चार लोगों ने अचानक ही फायरिंग शुरूकर दी।

कुछ गोली बदमाशों की अपनी खडी इको गाड़ी में ही लगी और एक गोली रोड पर खड़े पानी के ठेले वाले युवक को पैर में लगी। तभी उसे आनन-फानन में घायल युवक को नरेला के सत्यवादी हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर उसका इलाज जारी है। जैसे ही पीसीआर वालों ने अपनी गाड़ी बदमाशों की गाड़ी के पीछे दौड़ाई तब बदमाशों की जिस इको गाड़ी में गोलियां लगी थी, उसे बौखलाहट में वही छोड़कर भाग निकले और मौके से फरार हो गए।

अलीपुर थाना पुलिस मामला दर्ज करते हुए फरार आरोपियों की तलाश में गहनता से जुटी है। दिल्ली में आए दिन बिना-परमिट वाली गाड़ियों का आंतक और बेहूदगी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। ना तो उन्हें पुलिस का खौफ है, ना ही किसी और जिला-प्रशासन का। गाड़ियों के चालक भी पूरी तरह से ट्रेंड ना होने के कारण नियमो का उल्लंघन करते हुए आए दिन कोई ना कोई हादसे का रूप इख्तयार करते हुए कई जिन्दगियो के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे। आखिर दिल्ली सरकार का कोई भी प्रशासन अधिकारी इनकी हरकतों पर मूक-दर्शक क्यों बने बैठे हैं! क्यों प्रशासन का कोई भी अधिकारी इन पर सख्ती से कार्यवाही नहीं कर रहा! यह सरेआम भ्रष्टाचार नहीं तो और क्या है..?

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