अपने सपनों को दे नई उड़ान सोलर सेक्टर में सरकारी ट्रेनिंग लेकर

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दिन प्रतिदिन बढ़ती बिजली की खपत को देखते हुए सौर्य ऊर्जा के उत्पादन पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए केंद्र ने भी एक सराहनीय कदम उठाते हुए सोलर प्लांट्स पर सब्सिडी देने का ऐलान किया है। ऐसे में सोलर एनर्जी के उत्पादन को और अधिक बढ़ावा दिया जा सकता है। बता दें कि सौर्य ऊर्जा के उत्पादन में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले दिनों हुए एक अध्यन में यह दावा किया गया कि जिस गति से भारत सौर्य ऊर्जा के उत्पादन की दिशा में बढ़ रहा है उस लिहाज से साल 2050 तक भारत में बिजली के स्त्रोतों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। इस दिशा में देश का कर्नाटक राज्य काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2018 तक राज्य द्वारा स्थापित कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता 12.3 गीगावाट हो गई है।

देशभर में कोयला आधारित बिजली सयंत्रों पर कम ध्यान दिया जा रहा है, लिहाजा सौर्य ऊर्जा सयंत्रों पर अधिक फोकस बना हुआ है। केंद्र व राज्य सरकारें भी इस दिशा में आगे आने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। सौर्य ऊर्जा के क्षेत्र में कई प्राइवेट कंपनियां भी सामने आई है, जिन्होंने इस दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का काम किया है। इसी क्रम में दिल्ली बेस्ड सोलर प्लांट कंपनी ’जनरूफ़’ ने एक अलग मुकाम हासिल कर लिया है। 60 हजार से अधिक संतुष्ट कस्टमर्स के साथ लगातार आगे बढ़ रही ’जनरूफ’ भारत की सबसे बड़ी सोलर प्लांट कंपनी बन गई है। यंग प्रोफेशनल्स की टीम द्वारा संचालित जनरूफ़ न सिर्फ सोलर प्लांट लगाने का काम कर रही है बल्कि लोगों की इसकी तकनीकी जानकारियां भी महैया करा रही है। कंपनी की सफलता का एक मात्र कारण टीम मेंबर्स की इनोवेटिव सोच है, जिसके अंतर्गत कंपनी घर की छतों पर सोलर प्लांट लगाने का काम कर रही है। कंपनी का यह आईडिया अपने आप में काफी यूनिक है। घरों की छत किसी भी साइज या डिज़ाइन की हो सकती है। ऐसे में कंपनी किसी भी प्रकार की छत पर सोलर प्लांट लगाने में सक्षम है।

जनरूफ़ के फाउंडर-सीओओ प्रणेश चौधरी बताते है कि किस प्रकार सोलर प्लांट्स के साथ जुड़कर किफायती बिजली का उत्पादन तो किया ही जा सकता है साथ ही इसे व्यवसाय और रोजगार के रूप में भी शामिल कर सकते हैं। चौधरी के मुताबिक, इस क्षेत्र में शॉर्ट टर्म का ट्रैनिंग कोर्स करके आसानी से रोजगार पाया जा सकता है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोलर एनर्जी ने छह माह का एडवांस सोलर प्रोफेशनल कोर्स शुरू किया है। इसके अलावा सरकार भी इस बिज़नेस से जुड़ी ट्रैनिंग उपलब्ध करा रही है। ख़ास बात यह है कि इसके लिए महज 599 रूपए चार्ज किए जा रहे है। दरअसल सरकार की मनसा है कि जल्द से जल्द ऐसे कोर्सेस तैयार किए जाएं जो सोलर सेक्टर में काम कर सके और जिसके माध्यम से सोलर सेक्टर में स्किल्ड लेबरों की कमी को पूरा किया जा सके। ये कोर्स करने वाले युवा सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स के इंस्‍टॉलेशन, ऑपरेशन, मेंटेनेंस, मैनेजमेंट, स्टैब्लिशमेंट और डिज़ाइन का काम कर सकते हैं। सोलर पॉवर का कोर्स करके सोलर एनर्जी सेक्‍टर में नया बिजनेस भी शुरू किया जा सकता है।

चौधरी सोलर एनर्जी से जुड़े चार मुख्य फायदे गिनाते है। सबसे पहला ’सूर्य से पैसा बनाना’ यानी आप इसके माध्यम से अपने लम्बे चौड़े इलेक्ट्रिसिटी बिल को मनी मेकिंग अवसर के रूप में बदल सकते है। दूसरा है ’विश्वसनीय ऊर्जा का उत्पादन’.. यानी इस सयंत्र के माध्यम से आप लगभग 25 सालों तक बेहद कम मेंटेनेंस चार्ज पर बिजली का उत्पादन कर सकते है। तीसरा है ’क्लीन एनर्जी’…मतलब सौर्य ऊर्जा सयंत्र पूरी तरह से सेफ और क्लीन एनर्जी पैदा करते है इससे आपको किसी प्रकार के वायू या जल प्रदुषण का शिकार नहीं होना पड़ता। अंत में आता है ’क्विक पे बैक पीरियड’ यानी एक बार सौर्य ऊर्जा का सयंत्र लगाने के बाद आप तीन से चार साल के भीतर प्लांट के लागत की कॉस्ट निकाल सकते है। इसके बाद प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली पूरी तरह से मुफ्त हो जाती हैं।

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