बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने पटना में टैफे का मुफ्त ट्रैक्टर रेन्‍टल प्‍लेटफॉर्म – “जेफार्म सर्विसेज” लॉन्च किया

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  • छोटे और सीमांत किसानों के समर्थन के लिए टैफे की सामाजिक पहल
  • किसान-से-किसान मॉडल (एफ2एफ) – किसान किराये पर ट्रैक्टर और उपकरणों के सभी ब्रांडों की पेशकश कर सकते हैं।
  • यह ग्रामीण उद्यमिता में मदद करता है और किसानों के लिए अतिरिक्त राजस्व पैदा करता है।

पटना (बिहार) : टैफे की ‘कल्टिवेटिंग इंडिया दृ कल्टिवेटिंग द वर्ल्ड’ की सोच ने इसकी देशव्यापी सामाजिक पहल – “जेफार्म सर्विसेज” और “जेफार्म सर्विसेज ऐप”  के विस्तार के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। इस अनूठी पहल को बिहार के कृषि मंत्री डॉ.प्रेम कुमार की मौजूदगी में बिहार एग्रीकल्चरल ग्रोथ एंड रिफॉर्म इनिशिएटिव  के अंतर्गत बिहार सरकार के कृषि विभागके साथ संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया है। जेफार्म सर्विसेज किसानों को ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि मशीनरी किराये पर लेने की मुफ्त सुविधा प्रदान करता है।

बिहार में आजीविका का मुख्य स्रोत कृषि है और राज्य के विकास के लिए कृषि क्षेत्र का विकास करना महत्वपूर्ण है। बिहार की 92 प्रतिशत क्षेत्रफल भूमि पर छोटे और सीमांत किसान खेती करते हैं, जिनकी कृषि से सम्बंधित मशीनीकरण तक पहुंच सीमित है या बिल्कुल नहीं है। जेफार्म सर्विसेज ने बिहार के 11 जिलों (बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, नालंदा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली) में अपनी सेवाएं लॉन्च करने और अगले वर्ष तक पूरे बिहार में विस्तार करने का प्रस्ताव रखा है। पूरे बिहार में छोटी जोत की जमीन रखने वाले किसान अब अपनी उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए अत्याधुनिक कृषि उपकरण किराए पर ले सकते हैं।

जेफार्म सर्विसेज ऐप पारदर्शी तरीके से किफायती कृषि मशीनीकरण की सेवाओं के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाएगा। मुफ्त जेफार्म सर्विसेज ऐप के ष्किसान-से-किसान मॉडलष् (एफ2एफ) के माध्यम से अपने मौजूदा ट्रैक्टर और कृषि उपकरण किराए पर देने वाले किसानों को सीधे इन उपकरणों को लेने के इच्छुक किसानों से जोड़ दिया जाता है। यह ऐप उनको किसान उद्यमियों से सीधे संपर्क करने, किराये की कीमतें तय करने और अपनी संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है। इस नये प्लेटफार्म के साथ, टैफे किसानों की आय बढ़ाने के लिए टैक्नोलॉजी में सक्षम साझा अर्थव्यवस्था के लाभ प्रदान करता है।

टैफे की चेयरमैन और सीईओ मल्लिका श्रीनिवासन ने कहा कि ” भारत छोटी जोत के किसानों की भूमि है। हमारे अधिकांश, लगभग 85 प्रतिशत किसानों की उस कृषि मशीनीकरण तक पहुंच ही नहीं है, जिसमें उनकी उपज और आय में सुधार करने की क्षमता है। जेफार्म सर्विसेज एक सामाजिक पहल है जो किसानों को अपने ट्रैक्टर और कृषि उपकरण किराए पर देने की सुविधा प्रदान करती है और इस सेवा की जरूरतमंद छोटे किसान जेफार्म सर्विसेज ऐप से सीधे लाभान्वित होते हैं। 2022 तक कृषि आय को दोगुनी करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए देश भर में लाखों किसानों के जीवन में बदलाव लाना हमारा लक्ष्य हैं।”
किसान जेफार्म सर्विसेज एंड्रॉइड ऐप के माध्यम से या टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-4-200-100 से संपर्क करके ट्रैक्टर और उपकरण किराए पर ले सकते हैं। ऐप का उपयोग सस्ते एंड्रॉइड फोन पर किया जा सकता है और इस ऐप को ऐसे डिजाइन किया गया है कि यह बहुत कम डेटा पर भी चल सके। जिन किसानों के पास स्मार्ट या फीचर फोन नहीं हैं, वे टोल-फ्री हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। यह प्लेटफार्म बिना किसी शुल्क के स्थानीय मौसम, बाजार तथा कृषि-समाचार और मंडी की कीमतों के बारे में एक समयांतराल पर ताजा सूचनाएं भी प्रदान करता है।

टैफे के प्रेसिडेंट और सीओओ, प्रोडक्ट स्ट्रेटजी और कॉर्पोरेट रिलेशंस टी. आर. केसवन ने कहा कि “जेफार्म सर्विसेज के माध्यम से टैफे ने पहल के अर्तंगत बिहार सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है ताकि राज्य में सतत् कृषि उत्पादकता और विकास हो सके। इस सांझी अर्थव्यवस्था के प्रारूप के ज़रिये छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि मशीनीकरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।”

जेफार्म सर्विसेज के प्रारंभिक पायलट परियोजना को मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में लागू किया गया था। जेफार्म सर्विसेज ने लगभग 60,000 उपयोगकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाया है जिससे 100,000 से अधिक के ऑर्डर मिले हैं और इसमें किराए पर कृषि मशीनरी के उपयोग के 250,000 घंटे से अधिक शामिल हैं।

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